शोध से पता चलता है कि डिमेंशिया-अनुकूल बाहरी वातावरण (outdoor environments) डिमेंशिया से पीड़ित बुजुर्गों के समग्र स्वास्थ्य और खुशहाली को बढ़ावा देने में मदद करता है।
ये वातावरण न केवल प्रेरक, संवेदी और चिकित्सीय लाभों को बढ़ावा देते हैं और समर्थन करते हैं, बल्कि डिमेंशिया से पीड़ित बुजुर्गों के परिवार और दोस्तों के लिए सामाजिक संपर्क के स्थान के रूप में भी काम करते हैं।
व्यायाम, ताजी हवा और तनाव से राहत के विशिष्ट लाभों के अलावा, डिमेंशिया गार्डन भूख बढ़ाने, धूप के माध्यम से विटामिन डी के स्तर को बढ़ाने, मनोदशा (मूड) में सुधार करने और शांत, सुसंगत व सुरक्षित स्थान प्रदान करने में मदद करते हैं।
साक्ष्य बताते हैं कि जैसे-जैसे दृश्य और संज्ञानात्मक क्षमताओं में बदलाव आता है, डिमेंशिया से पीड़ित कुछ लोग बौद्धिक स्तर के बजाय संवेदी (sensory) रूप से अधिक कार्य करने लगते हैं।
यद्यपि कई बगीचे केवल दृश्य आकर्षण प्रदान करते हैं, लेकिन डिमेंशिया गार्डन एक संवेदी उद्यान (sensory garden) होता है जिसे सभी पांच इंद्रियों को उत्तेजित करने के लिए डिज़ाइन किया जाता है।
संवेदी उद्यानों को बेचैनी और आक्रामकता को कम करने, खोज, जिज्ञासा और स्वतंत्रता को बढ़ावा देने के साथ-साथ दीर्घकालिक यादों को पुनर्जीवित करने में मदद करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
डिमेंशिया गार्डन को डिज़ाइन करने की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:
- टहलने के रास्ते (वॉकिंग ट्रैक्स) गोलाकार या अंग्रेजी के आठ (8) अंक के आकार में होने चाहिए। यह डिज़ाइन डिमेंशिया से पीड़ित लोगों को किसी बंद छोर (डेड एंड) पर रुके बिना निरंतर चलते रहने में मदद करता है। रास्ते कभी भी बंद छोर पर समाप्त नहीं होने चाहिए, क्योंकि इससे डर और घबराहट पैदा हो सकती है।
- फूल और पौधे सुरक्षित (खाद्य/अविषैले) होने चाहिए और उनमें कांटे नहीं होने चाहिए।
- चलने के रास्ते जल्दी सूखने वाले, फिसलन-रहित (non-slip), ठोकर-मुक्त (non-trip), अच्छी तरह से प्रकाशित, एक समान स्तर वाले, जल निकासी युक्त और हैंड्रिल के साथ पर्याप्त चौड़े होने चाहिए।
- बगीचा कर्मचारियों द्वारा आसानी से निगरानी योग्य होना चाहिए, जबकि वरिष्ठ नागरिकों को इसमें अपनी निजता का अनुभव भी होना चाहिए।
- दिशा खोजने (wayfinding) में सहायता के लिए मूर्तियां या आसानी से याद रहने वाले प्रतीकों को शामिल किया जाना चाहिए।
- मछली के तालाब और छोटे फव्वारे जैसी जल संरचनाओं को शामिल किया जाना चाहिए।
- चेयर योग, समूह चर्चा, सामुदायिक भोजन जैसी गतिविधियों के लिए ढके हुए और खुले बैठने के स्थानों का प्रावधान किया जाना चाहिए।
- गज़ेबो (छतरी/मंडप), परगोला, लताएं और छायादार पेड़ लगाए जाने चाहिए।
- ऐसे पौधों और फूलों का चयन किया जाना चाहिए जो पक्षियों और तितलियों को आकर्षित करें।
अल्ज़ाइमर्स ऑस्ट्रेलिया एसए इंक द्वारा संलग्न दस्तावेज़ "गार्डन्स दैट केयर: प्लानिंग आउटडोर एनवायरनमेंट्स फॉर पीपल विद डिमेंशिया" (Gardens that Care: Planning Outdoor Environments for People with Dementia) एक व्यावहारिक और ज्ञानवर्धक अध्ययन है जो केयर होम ऑपरेटरों और सरकारी एजेंसियों की मदद कर सकता है।
दस्तावेज़ यहाँ डाउनलोड किया जा सकता है (Dementia Garden for Older People) या नीचे देखा जा सकता है