आवासीय देखभाल गृहों (residential care homes) को किसी भी अवांछित आपात स्थिति के लिए तैयार रहने के लिए यह आवश्यक है कि कर्मचारियों को सुरक्षा के कई क्षेत्रों जैसे आग, पानी, भूकंप, संक्रमण नियंत्रण आदि में प्रशिक्षित किया जाए।
संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण (Infection prevention and control) सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है जिसकी प्रासंगिकता कोविड-19 के दौरान स्पष्ट हो गई थी।
संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण कोई एक बार की गतिविधि नहीं है जिसे साल में एक बार आयोजित किया जाए, बल्कि रोकथाम और नियंत्रण दोनों पर समान ध्यान देते हुए इसकी दैनिक आधार पर निगरानी करने की आवश्यकता है।
भारत में वरिष्ठ नागरिक देखभाल गृहों ने हालिया महामारी को पेशेवर तरीके से संभाला हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि नीतियों और दिशानिर्देशों की कोई आवश्यकता नहीं है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार का संसाधन दस्तावेज़ "स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय दिशानिर्देश" (जनवरी 2020), स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल करता है, फिर भी देखभाल गृहों के लाभ के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण और जानकारी की आवश्यकता बनी हुई है।
संलग्न दस्तावेज़ "दीर्घकालिक देखभाल गृहों के लिए संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण: प्रमुख सिद्धांतों और सर्वोत्तम प्रथाओं का सारांश" (Infection Prevention and Control for Long-Term Care Homes
Summary of Key Principles and Best Practices), ओंटारियो एजेंसी फॉर हेल्थ प्रोटेक्शन एंड प्रमोशन (पब्लिक हेल्थ ओंटारियो) 2020, उन लोगों के लिए एक त्वरित संदर्भ के रूप में है जिन्हें संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण (IPAC) की जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
रूटीन प्रैक्टिसेज (Routine Practices) वह शब्द है जिसका उपयोग उन मानकों का वर्णन करने के लिए किया जाता है जिनका उपयोग सभी निवासियों की देखभाल में हर समय किया जाना चाहिए, चाहे उनकी नैदानिक या संक्रामक स्थिति कुछ भी हो। नियमित प्रथाओं का पालन न केवल स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की रक्षा करता है, बल्कि उन कर्मचारियों और निवासियों की भी रक्षा करता है जो बाद में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के संपर्क में आ सकते हैं।
सामूहिक आवास से जुड़े संक्रमण के जोखिमों, कर्मचारियों के तेजी से बदलाव (rapid staff turnover), विनियमित स्वास्थ्य पेशेवरों से परे देखभालकर्ताओं की पर्याप्त भागीदारी, कई निवासियों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी (immunocompromised status), और इनवेसिव उपकरणों के बार-बार उपयोग के कारण कई अन्य स्वास्थ्य देखभाल सेटिंग्स की तुलना में दीर्घकालिक देखभाल गृहों (LTCH) में रूटीन प्रैक्टिसेज का कड़ाई से पालन करना अधिक महत्वपूर्ण है।
यह आवश्यक और महत्वपूर्ण है कि भारत को वृद्ध देखभाल गृहों के लिए देश-विशिष्ट मानक, नीतियां और दिशानिर्देश विकसित करने चाहिए।
दस्तावेज़ को यहाँ देखा जा सकता है https://www.publichealthontario.ca/ या यहाँ डाउनलोड किया जा सकता है (Infection Prevention and Control in Elderly Care Homes) या नीचे देखा जा सकता है