वर्तमान में भारत वृद्ध देखभाल (Elderly Care) के क्षेत्र में भले ही चमकता सितारा न हो, लेकिन यह निश्चित रूप से एक उभरता हुआ सितारा है और जल्द ही यह वैश्विक समाज कल्याण के परिदृश्य में सबसे उज्ज्वल सितारा बन जाएगा।
हालाँकि भारत में वृद्ध देखभाल क्षेत्र धीरे-धीरे अपने पंख फैला रहा है और उड़ना सीख रहा है, फिर भी बहस का बड़ा मुद्दा यह है कि क्या हमारे पास बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित और योग्य कार्यबल है?
संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण (Infection Prevention and Control) समग्र व्यक्ति-केंद्रित देखभाल और बुजुर्गों के जीवन की गुणवत्ता (Quality of Life) का एक महत्वपूर्ण पहलू है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तत्वावधान में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) द्वारा प्रकाशित संलग्न संसाधन दस्तावेज़ "संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण प्रशिक्षण सत्र - IV के लिए प्रक्रियाएं और प्रथाएं" एक अच्छा प्रशिक्षण मॉड्यूल है।
यह पूरा विषय "स्वास्थ्य सेवा सुविधाओं में संक्रमण रोकथाम और नियंत्रण प्रशिक्षण सत्र" शीर्षक के तहत 8 मॉड्यूल में संरचित है। मैं व्यापक हित के लिए मॉड्यूल 4 साझा कर रहा हूँ।
मॉड्यूल 4 में निम्नलिखित विषय शामिल हैं:
- हाथों की स्वच्छता (Hand hygiene)
- व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE - Personal protective equipment)
- श्वसन स्वच्छता और खांसने के शिष्टाचार (Respiratory hygiene and cough etiquette)
- नुकीली वस्तुओं (sharps) से चोटों की रोकथाम
- मरीज देखभाल उपकरणों का सुरक्षित संचालन - इंजेक्शन सुरक्षा (Safe handling of patient-care equipment-injection safety)
- पूतिहीनता के सिद्धांत (Principles of asepsis)
- पर्यावरणीय संक्रमण नियंत्रण (Environmental infection control)
- हवा से फैलने वाले संक्रमण संबंधी सावधानियां (Airborne precautions)
- ड्रॉपलेट सावधानियां (Droplet precautions)
- संपर्क सावधानियां (Contact precautions)
- संचारी रोग से पीड़ित मरीज का आवास/प्लेसमेंट (Placement of patient with transmissible disease)
दस्तावेज़ को वेबसाइट https://ncdc.mohfw.gov.in/ पर देखा जा सकता है या यहाँ डाउनलोड किया जा सकता है (Training for Infection Prevention and Control)
दस्तावेज़ को नीचे भी देखा जा सकता है