सभी राज्य सरकारों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि उनके पास केयर होम्स और होम केयर सहित बुजुर्गों की देखभाल (Eldercare) पर अपने स्वयं के दिशानिर्देश, मानक और नीतियां हों।
भारत में ऐसे बहुत कम राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं जो अधिक समावेशी और बुजुर्गों के अनुकूल समाज के निर्माण की दिशा में काम कर रहे हैं।
चूँकि, राज्य सरकार ने सिक्किम राज्य में वरिष्ठ नागरिकों के लिए वृद्धाश्रमों के संचालन और विभिन्न वरिष्ठ नागरिक गृहों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा के लिए दिशानिर्देश निर्धारित करना समीचीन समझा है।
और चूँकि, माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम, 2007 की धारा 19 प्रत्येक जिले में कम से कम एक वृद्धाश्रम की व्यवस्था की परिकल्पना करती है, ताकि ऐसे गृहों में न्यूनतम 150 (एक सौ पचास) निर्धन वरिष्ठ नागरिकों को आश्रय दिया जा सके। और चूँकि, राज्य सरकार ने उक्त अधिनियम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए सिक्किम माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण नियम, 2014 को अधिसूचित किया है।
उक्त नियमों के नियम 20 के अनुसार, राज्य में राज्य सरकार द्वारा संचालित या सरकारी अनुदान की मदद से गैर-सरकारी संगठनों द्वारा संचालित सभी वृद्धाश्रम ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को आवास प्रदान करने के लिए बाध्य होंगे जो निर्धन हैं या जिन्हें ऐसे आवास के लिए संदर्भित किया गया है। अतः अब, उपर्युक्त उद्देश्यों को प्राप्त करने के उद्देश्य से, राज्य सरकार वृद्धाश्रमों के लिए परिचालन दिशानिर्देश (Operational Guidelines for Old Age Homes) निर्धारित करते हुए प्रसन्न है।
इस दस्तावेज़ को यहाँ डाउनलोड किया जा सकता है (सिक्किम - वृद्धाश्रमों के लिए परिचालन दिशानिर्देश) या नीचे देखा जा सकता है