1. माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम (MWPSC Act): एक भारतीय कानून जिसका उद्देश्य उन वरिष्ठ नागरिकों और माता-पिता के अधिकारों की रक्षा करना है जो स्वयं का आर्थिक भरण-पोषण करने में असमर्थ हैं। यह बच्चों और पोते-पोतियों पर जरूरतमंद बुजुर्ग माता-पिता या दादा-दादी को वित्तीय सहायता और भरण-पोषण प्रदान करने का कानूनी दायित्व डालता है।
2. वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय नीति (NPOP): भारत में एक नीतिगत ढांचा जिसका उद्देश्य बुजुर्ग नागरिकों की वित्तीय व खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आश्रय, दुर्व्यवहार और शोषण से सुरक्षा तथा बेहतर जीवन स्तर सुनिश्चित करने हेतु सरकारी सहायता प्रदान करना और समाज में उनके कल्याण व समावेशिता को बढ़ावा देना है।
3. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 21: जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि इन अधिकारों को केवल विधि द्वारा स्थापित प्रक्रिया के माध्यम से ही प्रतिबंधित किया जा सकता है। यह भारत में एक मौलिक अधिकार और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मूल आधार है।
4. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 32: यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण संवैधानिक प्रावधान है जो नागरिकों को अपने मौलिक अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में न्याय के लिए भारत के सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का अधिकार देता है, जिससे नागरिकों को शीर्ष अदालत के माध्यम से अपने अधिकारों की रक्षा करने की शक्ति मिलती है।
5. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 41: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 41 के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण का निर्देश दिया गया है। "राज्य अपनी आर्थिक क्षमता और विकास की सीमाओं के भीतर वृद्धावस्था के मामलों में सार्वजनिक सहायता पाने के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी प्रावधान करेगा"। समानता का अधिकार संविधान द्वारा मौलिक अधिकार के रूप में गारंटीकृत है। सामाजिक सुरक्षा केंद्र और राज्य सरकारों की समवर्ती जिम्मेदारी है।
6. भारतीय संविधान का अनुच्छेद 47: यह राज्य सरकारों को सार्वजनिक स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारियों में शामिल करने का निर्देश देता है।
7. क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट (नैदानिक प्रतिष्ठान अधिनियम): भारत सरकार द्वारा अधिनियमित यह कानून देश के सभी नैदानिक प्रतिष्ठानों (अस्पतालों व क्लीनिकों) को पंजीकृत और विनियमित करने का प्रयास करता है, ताकि मरीजों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित किए जा सकें।
8. मानसिक स्वास्थ्य देखभाल अधिनियम (Mental Healthcare Act): मानसिक बीमारी से जूझ रहे व्यक्तियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने और मानसिक देखभाल व सेवा वितरण के दौरान उनके अधिकारों की रक्षा व संवर्धन करने के उद्देश्य से बनाया गया अधिनियम। यह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त व्यक्तियों की देखभाल और उपचार हेतु कानूनी प्रावधान तय करता है।
9. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA): एक भारतीय कानून जो लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS) के तहत ग्रामीण आबादी के लगभग 75% और शहरी आबादी के 50% हिस्से को रियायती खाद्यान्न प्राप्त करने का कानूनी अधिकार देता है। इसका उद्देश्य आवश्यक खाद्य वस्तुएं उपलब्ध कराकर जरूरतमंदों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना है।
10. राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति (National Health Policy): भारत का एक नीतिगत ढांचा जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के नागरिकों के लिए स्वास्थ्य और कल्याण का उच्चतम स्तर प्राप्त करना है। यह विभिन्न विकासात्मक नीतियों में निवारक और संवर्धक स्वास्थ्य सेवा पर जोर देता है और बिना किसी वित्तीय बोझ के उच्च गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाओं तक सार्वभौमिक पहुंच प्रदान करने का लक्ष्य रखता है।
11. दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम (RPwD Act): एक भारतीय कानून जिसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना व उन्हें बढ़ावा देना है। यह भेदभाव को रोककर और सुगम्यता, शिक्षा, रोजगार व सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करके समाज में उनके समावेश और समान भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।