आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने सुगम्यता और यूनिवर्सल डिज़ाइन पर यह बेहतरीन दस्तावेज़ प्रकाशित किया है। दस्तावेज़ के कुछ अंश शब्दशः यहाँ साझा किए जा रहे हैं।
"भारत के भविष्य के जनसांख्यिकीय अनुमान वृद्धावस्था, दिव्यांगता, स्वास्थ्य सीमाओं और सामाजिक परिवर्तनों की नई मांगों की ओर बढ़ते रुझान को दर्शाते हैं। सवाल यह है कि तेजी से बदलते समय के बीच दिव्यांगजनों, बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और अन्य सीमाओं वाले व्यक्तियों की विविध आवश्यकताओं के लिए हम अपने निर्मित पर्यावरण को कैसे तैयार करें।"
"भारत में सार्वभौमिक सुगम्यता के लिए सामंजस्यपूर्ण दिशानिर्देश और मानक, 2021 सुगम्य भारत और आत्मनिर्भर भारत के राष्ट्रीय जनादेश को मजबूत करने की दिशा में एक सक्षम कदम हैं।"
"आठ अध्यायों के माध्यम से, यह सम्मानित नागरिकों के साथ-साथ निर्मित पर्यावरण में सुगम्यता के डिज़ाइन, योजना और कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार विभिन्न हितधारकों के संवेदीकरण और मार्गदर्शन के लिए रूपरेखा निर्धारित करता है। यह भारतीय संदर्भ में सुगम्यता की समझ और बाधा मुक्त दृष्टिकोण से सार्वभौमिक डिज़ाइन दर्शन की ओर विकसित होकर एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करता है।"
दस्तावेज़ को https://niua.in/ पर देखा जा सकता है या यहाँ डाउनलोड किया जा सकता है (भारत में सार्वभौमिक सुगम्यता के लिए सामंजस्यपूर्ण दिशानिर्देश एवं मानक) या नीचे देखा जा सकता है